गुजरात भेजने की थी पूरी तैयारी! मानव तस्करी गिरोह के 3 फरार दलाल गिरफ्तार, पुलिस पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
चक्रधरपुर पुलिस ने मानव तस्करी मामले में लंबे समय से फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि ये लोग बच्चों और मजदूरों को नौकरी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में भेजते थे।

चक्रधरपुर। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चक्रधरपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे मानव तस्करी गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
तीनों आरोपी लंबे समय से थे फरार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुधराम गोप, दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू और तुराम कान्डेयांग उर्फ अरुण के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ चक्रधरपुर थाना में मानव तस्करी का मामला दर्ज था और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
नौकरी का झांसा देकर करते थे मानव तस्करी
पुलिस के अनुसार, आरोपी मानव तस्करी गिरोह के लिए दलाल के रूप में काम करते थे। वे क्षेत्र के गरीब मजदूरों और बच्चों को अच्छी नौकरी और बेहतर कमाई का लालच देकर बहला-फुसलाते थे और फिर उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने की साजिश रचते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा इसके तार किन राज्यों तक फैले हैं।
16 मई को हुआ था बड़े गिरोह का भंडाफोड़
गौरतलब है कि 16 मई को चक्रधरपुर पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। गुप्त सूचना के आधार पर शहर के के-टू होटल में छापेमारी कर 30 महिला-पुरुष मजदूरों और 6 नाबालिग बच्चों (5 लड़के और 1 लड़की) को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया था।
गुजरात ले जाकर करानी थी बंधुआ मजदूरी
जांच में सामने आया था कि सभी मजदूरों और बच्चों को काम दिलाने के बहाने गुजरात ले जाने की तैयारी थी, जहां उनसे बंधुआ मजदूरी कराई जानी थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मजदूरों को ले जाने के लिए तैयार खड़ी बस भी जब्त कर ली थी।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।








