बड़ी खबर : शिक्षक भर्ती में सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन से गायब रहने व गलत दस्तावेज पेश करने वाले अभ्यर्थियों पर होगा बड़ा एक्शन, FIR व प्रतियोगी परीक्षा से हो सकते हैं बैन, BPSC ने मांगा शो-कॉज

पटना। बिहार शिक्षक भर्ती में गलत दस्तावेज वाले अभ्यर्थियों पर BPSC बड़ा एक्शन लेने जा रहा है। BPSC ने अभ्यर्थियों के लिए कड़ा निर्देश जारी कर कहा है कि वैसे अभ्यर्थी ने जो सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन के दौरान अयोग्य पाये गये हैं या फिर दस्तावेज परीक्षण में मौजूद ही नहीं रहे हैं, उन्हें अपना स्पष्टीकरण देना होगा।

बीपीएससी के मुताबिक विज्ञापन संख्या-26/2023, विद्यालय अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान अयोग्य पाये गये या अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए सूचित किया जाता है कि विज्ञापन संख्या-26/2023 अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के आवेदन के समय अपने-अपने दावा को एवं उसके समर्थन में आवश्यक प्रमाण पत्रों को समर्पित करते हुए इन सभी तथ्यों को सही होने की वचनबद्धता (undertaking) दी थी, लेकिन दस्तावेजों के सत्यापन के समय आप पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद इसमें अनुपस्थित रहे या फिर असफल पाए गए | आपके इस कृत्य से जहाँ मानव बल एवं समय की बर्बादी हुई और प्रक्रिया बाधित हुई वहीं दूसरी ओर आपका यह कृत्य गलत मंशा से नियुक्ति पाने का कुप्रयास मानने की सम्भावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

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बीपीएससी ने ऐसे अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि दिनांक- 07.11.2023 तक आयोग के ईमेल पर अपना स्पष्टीकरण भेजें, कि क्यों नहीं आपके उक्त कृत्य को कदाचार की श्रेणी में मानते हुए आपके विरुद्ध विधि सम्मत / अनुशासनिक कार्रवाई की जाये एवं आयोग के आगामी परीक्षाओं में भाग लेने से वंचित कर दिया जाये।

बीपीएससी ने साफ कहा है कि अगर तय सीमा में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में माना जायेगा कि इस संबंध में आपको कुछ नहीं कहना है तदालोक में आयोग आपके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई के लिये स्वतंत्र होगा। विदित हो कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान अयोग्य पाये गये एवं अनुपस्थित अभ्यर्थियों की सूची आयोग के वेबसाइट पर उपलब्ध कर दिया गया है।

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