सीएम नीतीश का मास्टरस्ट्रोक! बिहार में अब ‘तेल’ बनेगा कमाई का हथियार, सरकार दे रही लाखों की सीधी मदद

33% तक अनुदान, किसान-युवाओं के लिए खुला मुनाफे का नया दरवाज़ा

पटना। बिहार के किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा तोहफा दिया है, जो उनकी किस्मत बदल सकता है। राज्य सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तेल मिल स्थापना पर 33 प्रतिशत तक अनुदान देने का बड़ा फैसला लिया है।

इस पहल का मकसद सिर्फ तेल निकालना नहीं, बल्कि तेलहन उत्पादन बढ़ाना, किसानों को बेहतर दाम दिलाना और गांव-गांव रोजगार पैदा करना है। खासतौर पर वे युवा जो खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही।

 तेल मिल लगाने पर सरकार देगी 9.90 लाख तक

कृषि विभाग की इस योजना के तहत 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई लगाने पर अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।
यह राशि परियोजना लागत का 33 प्रतिशत होगी। हालांकि, जमीन खरीदने या भवन-शेड निर्माण पर कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा और इन खर्चों को गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

 ऑनलाइन आवेदन, समय बहुत कम

इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक लोगों को 15 दिसंबर तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन के दौरान तेल प्रसंस्करण से जुड़ी जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है।

 कौन-कौन उठा सकता है फायदा?

सरकार ने इस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा है। इसके अंतर्गत—

  • किसान

  • सरकारी और निजी उद्योग

  • कृषक उत्पादक संगठन (FPO)

  • तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्ट-अप

  • सहकारी समितियां

 कुल मिलाकर, नीतीश सरकार का यह कदम सिर्फ योजना नहीं, बल्कि बिहार में रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने की शुरुआत माना जा रहा है।

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