वीर सावरकर की जयंती पर CM साय का बड़ा संदेश, बोले- जिनके विचारों से आज भी कांपते हैं विरोधी
मुख्यमंत्री निवास में हुई श्रद्धांजलि सभा के बाद फिर तेज हुई वीर सावरकर को लेकर सियासी बहस

रायपुर, 28 मई 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। लेकिन मुख्यमंत्री निवास में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद वीर सावरकर के विचारों और उनकी विरासत को लेकर राजनीतिक और वैचारिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में वीर सावरकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर केवल आजादी की लड़ाई लड़ने वाले योद्धा नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के ऐसे प्रतीक थे, जिनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावरकर ने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि कठिन यातनाओं और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वीर सावरकर का राष्ट्रभक्ति से भरा संकल्प कभी कमजोर नहीं पड़ा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वीर सावरकर ने समाज में फैली छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई थी। उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए। मुख्यमंत्री के मुताबिक वीर सावरकर की लेखनी, उनके विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आगे आएं।
हालांकि हर बार की तरह इस बार भी वीर सावरकर का नाम सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बहस का माहौल बन गया है। एक ओर समर्थक उन्हें राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा चेहरा मानते हैं, तो दूसरी ओर विरोधी उनके विचारों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री साय का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी चर्चाओं को और गर्मा सकता है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी मौजूद रहे।












