स्वास्थ्य विभाग के सचिव पर कसा ईडी का शिकंजा ..जायेंगे जेल? अवैध कमाई के बदले देते थे करीबी को ठेका, रहे है चर्चित IAS…

पटना: बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी के सेंथिल (IAS K SENTHIL) पटना नगर निगम के आयुक्त और मुंगेर के डीएम रह चुके मुश्किलों में घिर गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सेंथिल समेत चार लोगों की अवैध रूप से अर्जित करोड़ों की संपत्ति को ज़ब्त करने की कार्रवाई में जुट गई है। इसे लेकर पटना जिला जज की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सेंथिल पर पद का दुरुपयोग करते हुए काली कमाई से अकूत संपत्ति बनाने का आरोप है।

सेंथिल पर आरोप है कि अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुंगेर के जिलाधिकारी और पटना नगर निगम के आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल से ही भ्रष्ट तरीके से संपत्तियां अर्जित की है। ईडी की टीम ने जांच के दौरान पाया कि सेंथिल की संपत्तियां अवैध तरीके से कई जगह मिली है। संपत्ति का आकलन लगाया जा रहा है एवं जब्त करने की कार्यवाही भी की जा रही है ।

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अवैध संपत्ति बनाने के लिए भाई के जरिए चलाया खेल

जांच में यह बात सामने आई है मुंगेर में डीएम और पटना में नगर निगम आयुक्त रहते अकूत संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की। आरोप यह भी है कि भ्रष्ट तरीके से उन्होंने भारी संपत्ति अर्जित की। पटना में मेसर्स सुधा सुपरमार्केट और मैसर्स चेन्नई कैफे जैसी फर्मों में विदेशी फंडों का निवेश किया और तमिलनाडु के इंदिरा मेमोरियल पारिवारिक ट्रस्ट के माध्यम से भी अपनी काली कमाई को सफेद किया। मेसर्स सुधा और मैसर्स चेन्नई कैफे उनके भाई अय्यप्पन के नाम से जरूर है, लेकिन वास्तव में वो सेंथिल का ही है।

ठेकेदार बिमल कुमार से है करीबी संबंध

इस पूरे प्रकरण में विमल कुमार का नाम सामने आया है। विमल कुमार सैंथल के बेहद करीबी माने जाते हैं। आरोप है कि सेंथिल अपनी अवैध कमाई को विमल के जरिए ही खपाते थे। इसके एवज में विमल को सरकारी ठेके दिए जाते थे।सेंथिल कुमार ने परिवार के सदस्य के नाम पर भी ट्रस्ट बनाया था। अवैध कमाई को इसके जरिए सफेद करने का आरोप है।

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कौन है के सेंथिल

ईडी के आरोप पत्र में के सेंथिल के ऊपर बड़े बड़े खुलासे हुए। सेंथिल वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के सचिव के पद पर हैं। इससे पहले वह गृह विभाग में सचिव रहे। सेंथिल पटना नगर निगम में आयुक्त और मुंगेर में डीएम भी रह चुके हैं । इसी दौरान अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त सेंथिल व उपायुक्त वैधनाथ दास समेत चार पर मुकदमा किया गया है। सेंथिल के भाई के अय्यपन और ठेकेदार विमल कुमार भी इनमें शामिल है।

जेल जाएंगे के सेंथिल

मालूम हो कि 2 करोड़ 60 लाख 95 हजार की मनी लॉन्ड्री के मामले में ईडी कारवाई कर रही है। ईडी के इस मामले में अदालत द्वारा दोषी पाए जाने पर सेंथिल को 3 से 7 साल की सश्रम कारावास की सजा मिल सकती है।

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