पेपर लीक विवाद पर सरकार ने बहस के लिए दिखाई सहमति, लेकिन विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा; संसद में फिर हंगामा।
NEET पर संसद में होगी बड़ी बहस! सरकार चर्चा को तैयार, रिजिजू बोले- 'छात्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'

नई दिल्ली।
NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में घोषणा की कि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोकसभा में विपक्ष के शोर-शराबे के बीच रिजिजू ने कहा, “छात्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। हम नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा चाहते हैं।”
विपक्ष ने PM से मांगा जवाब
हालांकि, सरकार की ओर से चर्चा के लिए सहमति मिलने के बावजूद विपक्ष ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि प्रधानमंत्री संसद में इस मुद्दे पर बोलने नहीं आते।
अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री युवाओं के मुद्दे पर संसद के बाहर बोल सकते हैं, तो सदन में बयान क्यों नहीं दे सकते?” उन्होंने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब भी मांगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार
सरकार के बहस के लिए तैयार होने के बावजूद विपक्ष अपने रुख पर कायम है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चर्चा से पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक केवल बहस से समस्या का समाधान नहीं होगा।
हंगामे के बीच स्थगित हुई कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से चर्चा शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष बहस चाहते हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बनी सहमति न होने के कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी और उसे स्थगित करना पड़ा।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन पाएगी या फिर NEET विवाद को लेकर संसद में गतिरोध आगे भी जारी रहेगा।









