झारखंड : रांची-लोहरदगा रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले! अब पांचवीं मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी, जानें क्या है रेलवे का प्लान
बढ़ती भीड़ के बीच रेलवे का बड़ा कदम

रांची से लोहरदगा रेलखंड पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने एक और मेमू पैसेंजर ट्रेन चलाने की पहल शुरू कर दी है। रांची रेल मंडल ने इस संबंध में रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इस रूट पर ट्रेनों का पांचवां फेरा शुरू किया जाएगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रोजाना 12-13 हजार यात्री, ट्रेनों में भारी दबाव
रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह के अनुसार, इस रूट पर हर दिन करीब 12 से 13 हजार यात्री सफर करते हैं। फिलहाल तीन मेमू ट्रेनें सीधे लोहरदगा तक संचालित हैं, जबकि एक ट्रेन टोरी तक जाती है। इसके बावजूद ट्रेनों में भारी भीड़ बनी रहती है और यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है।
12 कोच के बाद भी नहीं मिलती सीट
हर मेमू ट्रेन में 12 कोच होने के बावजूद यात्रियों को पर्याप्त सीट नहीं मिल पा रही। कई लोग मजबूरी में खड़े होकर सफर करते हैं। इसी समस्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेन सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज विकास
रांची रेल डिविजन ने हाल के समय में कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। आनंद विहार-पुरुलिया वाया रांची ट्रेन शुरू की गई है, वहीं दुर्ग-हटिया स्पेशल और धनबाद-भुवनेश्वर वाया रांची ट्रेन को नियमित किया गया है।
अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों का कायाकल्प
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कई स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। गोविंदपुर रोड स्टेशन का उद्घाटन हो चुका है, जबकि मुरी, लोहरदगा और पिस्का स्टेशन तैयार हैं। रांची स्टेशन के यार्ड का रीमॉडलिंग कार्य भी पूरा हो गया है, जिससे तीन नई लाइनें जुड़ी हैं और संचालन क्षमता बढ़कर 30 ट्रेन तक पहुंच गई है।
आय और तकनीकी सुधार में बढ़ोतरी
रेल मंडल की आय में भी इजाफा हुआ है। स्क्रैप बिक्री से करीब 25 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जबकि 450 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी कार्यों पर खर्च किए गए हैं। 87 किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण और 72 प्वाइंट मशीनों का बदलाव किया गया है।
यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं
सभी स्टेशनों पर पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लागू किया जा चुका है। रांची स्टेशन पर रोजाना 50 से 60 हजार यात्रियों का आवागमन हो रहा है। ट्रेनों की समयबद्धता भी बढ़कर 91.10 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है।
वंदे भारत के लिए तैयारी तेज
रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन के लिए भी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए पीट लाइन का निर्माण किया जाएगा, जहां ट्रेनों का मेंटेनेंस किया जाएगा।
गर्मी को देखते हुए जल व्यवस्था मजबूत
आने वाले गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत स्वर्णरेखा नदी से पाइपलाइन बिछाने और मौजूदा सिस्टम की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा।









