Moong Ladoo: चीनी-गुड़ छोड़कर भी खाएं लड्डू! हरी मूंग की ये रेसिपी स्वाद के साथ देगी प्रोटीन का फायदा

लाइफस्टाइल: अगर आपको मीठा खाने का शौक है, लेकिन वेट लॉस के दौरान चीनी और गुड़ से दूरी बनाकर रखना चाहते हैं, तो हरी मूंग से बने प्रोटीन रिच लड्डू एक विकल्प हो सकते हैं। हरी मूंग में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है। वहीं, बिना रिफाइंड शुगर के तैयार किए गए ये लड्डू पारंपरिक मिठाइयों की तुलना में ज्यादा पौष्टिक बनाए जा सकते हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ किसी एक हेल्दी फूड को खाने से वजन कम नहीं होता। वजन घटाने के लिए कुल कैलोरी सेवन, संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण हैं।
हरी मूंग के लड्डू बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप हरी मूंग
- 2-3 बड़े चम्मच घी
- ½ कप पिसे हुए बादाम या मूंगफली
- 1-2 चम्मच चिया या अलसी के बीज
- ½ चम्मच इलायची पाउडर
- बिना चीनी वाला नारियल, जरूरत के अनुसार
- जरूरत के अनुसार थोड़ा दूध या पानी
- मिठास के लिए थोड़ी मात्रा में खजूर का पेस्ट, अगर चाहें
नोट: अगर आप पूरी तरह बिना किसी मीठे पदार्थ के लड्डू बनाना चाहते हैं तो खजूर भी न डालें। खजूर प्राकृतिक मिठास देता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी भी होती है।
ऐसे तैयार करें हरी मूंग का मिश्रण
सबसे पहले हरी मूंग को साफ करके धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद इसे धीमी आंच पर कड़ाही में हल्का भूनें। जब मूंग से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग थोड़ा बदल जाए तो गैस बंद कर दें।
मूंग को ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर तैयार कर लें। अब कड़ाही में थोड़ा घी डालें और इसमें मूंग का पाउडर डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट तक भूनें। इसे लगातार चलाते रहें ताकि मिश्रण जले नहीं।
अब डालें प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें
भुने हुए मूंग के मिश्रण में पिसे हुए बादाम या मूंगफली, चिया या अलसी के बीज और इलायची पाउडर डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
अगर मिश्रण बहुत सूखा लग रहा है तो थोड़ी मात्रा में दूध या पानी डालकर इसे लड्डू बनाने लायक किया जा सकता है। हालांकि, अगर लड्डू को कुछ समय तक स्टोर करना है तो दूध या पानी की मात्रा कम रखें।
ऐसे बनाएं छोटे-छोटे लड्डू
मिश्रण थोड़ा ठंडा होने के बाद हाथों पर हल्का घी लगाएं। अब मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उन्हें लड्डू का आकार दें।
ऊपर से बारीक कटे बादाम, नारियल या बीज लगाए जा सकते हैं। इसके बाद लड्डुओं को कुछ देर सेट होने दें।
वेट लॉस में क्यों हो सकते हैं मददगार?
हरी मूंग में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है, जो भोजन को ज्यादा संतोषजनक बनाने में मदद कर सकता है। वहीं, नट्स और बीजों से भी प्रोटीन, फाइबर और वसा मिलती है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इन लड्डुओं को जितना चाहें उतना खाया जा सकता है। घी, नट्स और बीजों की वजह से इनमें कैलोरी भी काफी हो सकती है। इसलिए वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो पोर्टियन कंट्रोल बेहद जरूरी है।
बिना चीनी के भी मिलेगा स्वाद
अगर आप चीनी और गुड़ नहीं डालते हैं तो लड्डुओं का स्वाद मुख्य रूप से मूंग, नट्स, इलायची और नारियल से आएगा। अगर इसमें खजूर या कोई अन्य मीठी सामग्री मिलाते हैं तो स्वाद ज्यादा मीठा हो जाएगा, लेकिन साथ ही कुल कैलोरी और शर्करा भी बढ़ेगी।
कितने लड्डू खाना सही?
वेट लॉस के दौरान किसी भी हेल्दी स्नैक की मात्रा मायने रखती है। ये लड्डू पौष्टिक सामग्री से बने हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ये लो-कैलोरी हैं।
इसलिए छोटे आकार का एक लड्डू स्नैक के तौर पर पर्याप्त हो सकता है। आपकी व्यक्तिगत डाइट और कैलोरी जरूरत के हिसाब से सही मात्रा तय करना बेहतर है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- मूंग को अच्छी तरह भूनें, लेकिन जलने न दें।
- घी की मात्रा सीमित रखें।
- नट्स और बीज पौष्टिक होने के साथ कैलोरी से भरपूर भी होते हैं।
- चीनी और गुड़ न डालने से लड्डू पूरी तरह लो-कैलोरी नहीं हो जाते।
- दूध या पानी डालकर बनाए गए लड्डुओं को लंबे समय तक स्टोर करने से बचें।
- लड्डुओं को साफ और एयरटाइट कंटेनर में रखें।
- डायबिटीज या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या में सामग्री और मात्रा के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
यानी स्वाद के साथ पोषण चाहिए तो हरी मूंग के ये लड्डू आजमाए जा सकते हैं, लेकिन वेट लॉस के दौरान इनका फायदा तभी मिलेगा जब इन्हें सही मात्रा में और संतुलित डाइट के हिस्से के रूप में खाया जाए।












