रांची: गर्लफ्रेंड पर था अफेयर का शक, घर में घुसकर मार दी गोली, अब कोर्ट ने सुनायी उम्रकैद की सजा
रांची की अदालत ने प्रेमिका खुशबू की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी प्रेमी राजू उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानिए पूरे मामले की वजह, कोर्ट का फैसला और पुलिस जांच की पूरी जानकारी।

रांची। सनकी आशिक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनायी है। झारखंड के चान्हो थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमिका की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी प्रेमी को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। अपर न्याययुक्त संजीव झा की अदालत ने आरोपी राजू उरांव को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे दोनों
यह मामला 19 सितंबर 2022 का है। चान्हो थाना क्षेत्र के चलियो खक्सीटोली निवासी खुशबू पिछले करीब एक वर्ष से शहनाई टोली निवासी राजू उरांव के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। करमा पर्व से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद खुशबू अपने मायके लौटकर रहने लगी थी।
साथ चलने से किया इनकार, तो मार दी गोली
घटना वाले दिन सुबह करीब 9 बजे राजू उरांव अपने दोस्त सोनू उरांव के साथ खुशबू के घर पहुंचा। राजू को शक था कि खुशबू किसी दूसरे युवक से बातचीत करने लगी है। उसने खुशबू को घर के आंगन में बुलाकर अपने साथ चलने को कहा, लेकिन खुशबू ने साफ इनकार कर दिया।प्रेमिका के इनकार से गुस्साए राजू ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और खुशबू के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही खुशबू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अपने साथी के साथ फरार हो गया।
जंगल से हुई थी गिरफ्तारी
हत्या के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में आरोपियों की तलाश शुरू की। उसी दिन शाम को पुलिस ने जंगल में छिपे राजू उरांव और उसके साथी सोनू उरांव को गिरफ्तार कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अपर न्याययुक्त संजीव झा की अदालत ने राजू उरांव को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।









