ये सब्जी संजीवनी से कम नहीं, हार्ट पेसेंट, शुगर, बीपी सहित इन बीमारियों का कर देती है इलाज, दवाओं की नहीं पड़ेगी जरूरत

रांची। शुगर व हार्ट की बीमारी इन दिनों आम हो गयी है। शुगर भले ही आम हो, लेकिन इसमें सतर्कता बहुत जरूरी है, नहीं तो मुश्किलें बढ़ सकती है। हम रोजाना घरों में ताजी सब्जियां बनाते हैं. सभी को यही लगता है कि ये सबके लिए हेल्दी है, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, कुछ सब्जियां जो आम इंसान के लिए हेल्दी होती हैं, वो डायबिटिक के लिए अनहेल्दी हो सकती हैं।
शुगर के मरीजों को सही खाना-पीना और डेली एक्सर्साइज करना बहुत जरूरी होता है. ये चीजें ब्लड शुगर पर सीधे असर करती हैं. ऐसे में शुगर पेशेंट की डाइट चुनते सब्जियों को भी सावधानी पूर्वक चुनना होगा. आइए जानते हैं कि कौन-सी वो सब्जी है जो ब्लड शुगर व हार्ट के साथ कई अन्य बीमारियों के लिए रामबाण है।
क्या है ये अनोखी सब्जी?
दरअसल, हम यहां जुकिनी की बात कर रहे हैं, जिसे कोर्टगेट (Courgette) भी कहा जाता है। हमारे देश में इस खास सब्जी के बारे में कम ही लोग जानते होंगे, लेकिन वेस्टर्न देशनों में जुकिनी को किसी औषधि से कम नहीं माना गया है। इससे अलग कई हेल्थ रिपोर्ट्स में भी जुकिनी को सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद बताया गया है। दिखने में ये सब्जी तोरी या खीरा जैसी लगती है। वहीं, बात स्वाद की करें, तो इसका टेस्ट कद्दू से मिलता-जुलता है।
जुकिनी शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्वोंक से भरपूर है। वैसे तो ये करीब 10 प्रकार की होती है, लेकिन इनमें पीले और गहरे हरे रंग की सब्जी ज्यादा प्रचलित है। इसमें विटामिन ए, सी, के, बी 6, फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम, जिंक, प्रोटीन, कॉपर, हेल्दी फैट, मैग्नीशियम, कॉपर, फॉस्फोरस, थियामिन, आयरन, जैसे महत्वपूर्ण तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स को शरीर से बाहर करते हैं। साथ ही इस सब्जी में पानी की मात्रा भी अधिक होती है।
कम हो जाता है डायबिटीज का खतरा
कई हेल्थ रिपोर्ट्स बताती हैं कि डाइट में नियमित तौर पर जुकिनी को शामिल करने से टाइप 2 डायबिटीज होने के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। जैसा की ऊपर जिक्र किया गया है, जुकिनी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो मधुमेह से पीड़ित रोगियों में इंसुलिन के काम करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। वहीं, इंसुलिन के बेहतर ढंग से काम करने पर ब्लड शुगर लेवर कंट्रोल में रहता है। इस तरह ये सब्जी डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। फाइबर से अलग इसमें विटामिन बी 6 भी मौजूद होता है, जो भी ब्लड शुगर को रेग्युलेट करने में मदद करता है।
स्किन और बाल बनाती है चमकदार
जुकिनी में मौजूज एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा पर बढ़ती उम्र के साथ दिखाई देने वाले लक्षण जैसे- दाग-धब्बे, फाइन लाइन्स, रिंकल्स, आदि के असर को बेहद कम कर देते हैं। साथ ही इसमें मौजूद विटामिन सी लंबे समय तक आपको जवां दिखाने में मदद करता है। इस सब्जी के नियमित सेवन से पतले बाल, बाल झढ़ने या दोमुंहे बालों की परेशानी को भी दूर किया जा सकता है।
वेट लॉस में करती है मदद
इन सब से अलग जुकिनी का सेवन तेजी से वजन घटाने में भी आपकी मदद कर सकता है। जुकिनी में पानी और फाइबर की अधिक मात्रा होती है और इसमें कैलोरी कम है, जो वेट लॉस करने में असरदार है। इसके सेवन से आपको जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती है, आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और इस तरह आप जिद्दी चर्बी से छुटकारा पा सकते हैं।
कब्ज से मिलता है छुटकारा
जो लोग कब्ज जैसी गंभीर परेशानी से पीड़ित रहते हैं और तमाम तरह की दवाएं या घरेलू नुस्खे अपनाने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल पाती है, वे अपनी डाइट में जुकिनी को शामिल कर सकते हैं। जुकिनी में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, साथ ही इसमें घुलनशील फाइबर भी होता है, जो शरीर में स्वस्थ बैक्टीारिया को पैदा करता है और इंफ्लमेशन को कम करने में मदद करता है। इस तरह ये अधिक तेजी से आंतो में सड़ रहे मल को त्यागने में असरदार साबित होती है, जिससे कब्ज और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं की संभावना कम हो जाती है।
तेज होती है आंखों की रोशनी
एनसीबीआई यानी नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुकिनी के नियमित सेवन से कमजोर पड़ती आंखों की रोशनी को वापस लाने में भी मदद मिल सकती है। जुकिनी ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन यु्क्त होती है, जो बढ़ती उम्र के साथ नेत्र रोग के जोखिम के कम कर सकती है। साथ ही इसमें विटामिन ए भी अच्छी मात्रा में होता है, जो भी आंखों के लिए बेहद फायदेमंद है।
हार्ट रहता है हेल्दी
पबमेड सेंट्रल की रिसर्च के मुताबिक, जुकिनी बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करने में असरदार है, जिस कारण जुकिनी को दिल के स्वाकस्य्ेस के लिए भी अच्छाे माना जाता है। इसके अलावा ये हाई ब्ल ड प्रेशर लेवल को कंट्रोल रखने में भी मददगार है। ऐसे में बीपी के मरीजों को भी इसके सेवन की सलाह दी जाती है।












