कुली की सुरक्षा में दो बॉडीगार्ड: कभी देखा है ऐसा Coolie, सरकार ने दिये हैं इन्हे दो-दो सुरक्षाकर्मी, फिर भी सुरक्षा का है खतरा, जानें कौन है ये VIP कुली

पटना। कुली के आगे पीछे तो आपने पैसेंजर को ही दौड़ते भागते देखा होगा, लेकिन सुनकर चौंक जायेंगे, आप कि बिहार में एक ऐसा कुली है, जिसके आगे पीछे पैसेंजर नहीं, दो बॉडीगार्ड दौड़ते हैं। कुली की सुरक्षा में दो पुलिस को तैनात किया गया है। पटना जंक्शन पर लोगों का बोझ उठाने वाले इस कुली का नाम है धर्मा. वे बिहार के आरा के रहने वाले हैं. 1989 से धर्मा पटना जंक्शन पर कुली का काम करते हैं।

पटना स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 10 पर आप सामान को ढोने के लिए कुली खोजेंगे और आपको अगर धर्मा नाम का कुली मिल गया तो आपका सामान पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। धर्मा कुली अपने माथे पर आपका सामान लेकर चलेगा तो उसके आगे पीछे हथियार से लैस दो-दो पुलिसकर्मी बॉडीगार्ड रहेंगे।

धर्मा कुली प्रतिदिन 500 रुपये के करीब कमाता है और दो-दो बॉडीगार्ड को मेंटेन कैसे करता है? यह जानना जरूरी है। 27 अक्टूबर 2013 में पटना के गांधी मैदान में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में बम विस्फोट हुए थे, लेकिन गांधी मैदान में बम विस्फोट होने के कुछ देर पहले पहला बम 27 अक्टूबर की सुबह करीब 9.30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 10 पर फटा था।

इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मौके पर मौजूद कुली धर्मा ने एक भागते आतंकी इम्तियाज को दबोच लिया था। कमर में शक्तिशाली बम बांधे पकड़े गए उस आत्म घाती आतंकी से पूछताछ चल ही रही थी कि गांधी मैदान में बम विस्फोट शुरू हो गए। 27 अक्टूबर 2013 को इस कुली ने अपनी जान पर खेलकर हार्डकोर आतंकी इम्तेयाज को पकड़ा था. इसके बाद से पटना के इस कुली को जान से मारने की धमकी मिल रही है साथ ही 50 लाख रुपए लेकर गवाही से मुकरने का प्रलोभन भी मिला. लेकिन कुली ना आतंकी को पकड़ने में डरा और ना कोई प्रलोभन उसे डिगा सका।

इस घटना में धर्मा कुली एनआए की ओर से चश्मदीद गवाह बना था और नौ आतंकी को गिरफ्तार किए गए। घटना के बाद से धर्मा को बराबर आतंकियों से धमकी मिली। इसके बाद 2016 में रेलवे की ओर से जीआरपी के एक जवान को बॉडीगार्ड के रूप में दिया गया। इसी वर्ष राज्य सरकार ने भी धर्मा को एक और बिहार पुलिस को बॉडीगार्ड के रूप में दे दिया है। धर्मा के पास दो-दो बॉडीगार्ड है, लेकिन धर्मा का कहना है कि हमें सुरक्षाकर्मी तो मिले हुए हैं। हम सामान लेकर चलते हैं तो ये लोग आगे पीछे चलते हैं, लेकिन मुख्य समस्या है कि मुझे रहने की व्यवस्था नहीं है। डीआरएम को भी लिख कर दिए हैं कि रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण ये लोग रात में घर चले जाते हैं। दिन में हम कुली विश्राम गृह में रहते हैं तो यह लोग मेरे साथ रहते हैं।

वहीं, जीआरपी के जवान अरुण ने बताया कि थोड़ी शर्म तो लगती है कि कुली का बॉडीगार्ड हूं, लेकिन ड्यूटी है वह तो करना है। हालांकि बिहार सरकार से दिया गया बॉडीगार्ड को कैमरे पर आने में काफी शर्म आई और वह धर्मा कुली के साथ नहीं दिखा। धर्मा कुली ने बताया कि हमें पाकिस्तानी आतंकियों की ओर से फोन पर 50 लाख रुपये देने की बात कही गई और बोला कि तुम गवाही मत दो लेकिन हमने उस का ऑफर को ठुकरा दिया, लेकिन एक आवास के लिए हम दर-दर भटक रहे हैं. सुरक्षा कर्मी तो हैं परंतु रहने का ठिकाना नहीं होने के कारण कितना सुरक्षित रह पाएंगे?

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