JTET को लेकर छात्र क्यों हैं सहमे हुए, 17 साल बाद हो रहे टीईटी को लेकर इन बिंदुओं पर है नाराजगी, जानिये क्या चाहते हैं छात्र

Why are students scared about JTET, there is resentment on these points regarding TET being held after 17 years, know what the students want

Jharkhand TET News। लंबे इंतजार के बाद झारखंड में झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। इसी महीने से टेट का फार्म भरा जाना है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। इससे छात्रों में शिक्षक बनने की उम्मीद जगी है। हालांकि, विज्ञापन जारी होते ही छात्रों ने इस पर कई सवाल खड़े किए हैं।

 

छात्रों की नाराजगी और मांगें

छात्रों का कहना है कि करीब 17 साल बाद हो रही इस परीक्षा में कई विषयों को नजरअंदाज किया गया है, खासकर बायोटेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषय को शामिल नहीं किया गया।

छात्र चंद्रकांत चौरसिया का कहना है कि सरकार को स्वतंत्र और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करनी चाहिए ताकि योग्य छात्रों को मौका मिल सके।

 

इस परीक्षा में मात्र 6% सफलता का मानक रखा गया है, जो बहुत कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक मेधावी छात्रों का चयन हो सके।छात्रों ने परीक्षा शुल्क को लेकर भी नाराजगी जताई है और सरकार से मांग की है कि इसे अधिकतम 100 रुपये रखा जाए ताकि सभी वर्गों के छात्र आवेदन कर सकें।

 

16 सितंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन

JPSC ने बताया कि JET के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चलेगी। फिलहाल रांची को परीक्षा का एकमात्र केंद्र घोषित किया गया है। यदि आवेदकों की संख्या अधिक हुई तो अन्य शहरों में भी केंद्र बनाए जाएंगे।

 

पात्रता और कट-ऑफ मानक

• सामान्य और EWS श्रेणी: स्नातकोत्तर में 55% अंक अनिवार्य, क्वालीफाइंग अंक 40%

• SC/ST/BC श्रेणी: स्नातकोत्तर में 50% अंक, क्वालीफाइंग अंक 35%

• परीक्षा में केवल 6% अभ्यर्थियों को ही योग्य माना जाएगा।

JET का इतिहास

राज्य गठन के बाद पहली और आखिरी JET 2008 में आयोजित हुई थी, जो विवादों में घिर गई थी और आज भी CBI जांच के घेरे में है। इस बार छात्रों को उम्मीद है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी होगी और सही उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा।

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