क्लास में Kiss: सरकारी स्कूल के क्लासरूम में शिक्षक-शिक्षिका का Kiss Video वायरल, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
सरकारी स्कूल में शिक्षक-शिक्षिका का किसिंग VIDEO सोशल मीडिया में वायरल हो गया। अब इस वीडियो पर शिक्षा विभाग एक्शन में है। वीडियो में एक पुरुष शिक्षक और महिला शिक्षिका स्कूल परिसर के क्लासरूम में आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। मामले में शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

Viral Video: क्लास रूम को शिक्षक-शिक्षिका ने अय्याशी का अड्डा बना दिया। क्लास रूम में ही शिक्षक-शिक्षिका एक दूसरे Kiss करने लगे। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें एक पुरुष शिक्षक और एक महिला शिक्षिका स्कूल के क्लासरूम के भीतर निजी पल बिताते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विद्यालय प्रशासन ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए विद्यालय प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विद्यालय अनुशासन और शिक्षा का केंद्र होते हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में दावा किया गया है कि यह वीडियो संबंधित शिक्षक की पत्नी ने वायरल किया है।यह भी कहा जा रहा है कि शिक्षक और उनकी पत्नी के बीच पिछले लगभग चार वर्षों से पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, इन दावों की पुलिस या शिक्षा विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वीडियो पुराना होने की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और इसे किसने बनाया। जांच एजेंसियां इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग का कहना है कि संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।








