गुस्से में गुरूजी : मांगों को अनसुना कर रही सरकार पर भड़का शिक्षकों का गुस्सा…जलायी नियमावली की प्रतियां…..उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से …

रांची। TET पास सहायक अध्यापक संघ ने आज उग्र प्रदर्शन किया। नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे अध्यापक संघ ने सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली की प्रतियां जलाकर विरोध प्रकट किया। प्रदेश भर में इसी तरह का नजारा देखने को मिला। टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षक परीक्षा के बाद सीधे नियमितिकरण की मांग कर रहे हैं। टेट सफल सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार और महासचिव मोहन मंडल के मुताबिक नियमावली राज्य सरकार द्वारा जबरन थोपा जा रहा है।

शिक्षा मंत्री से कई दौर की वार्ता में टेट सफल सहायक अध्यापकों को समायोजित कर वेतनमान देने पर सहमति बनी थी लेकिन उस वार्ता से शिक्षा मंत्री मुकर रहे हैं। अब नई नियुक्ति नियमावली के तहत विज्ञापन निकालने की बात कर रहे हैं।

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टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को वेतनमान से वंचित कर नियुक्ति नियमावली के तहत एक और परीक्षा देने पर मजबूर किया जा रहा है। इधर, टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों ने 13 नवंबर को सभी जिला मुख्यालयों में महागठबंधन के पार्टी कार्यालयों पर धरना देने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर पारा शिक्षक 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार से न्याय की गुहार लगाएंगे।

इधर एक और शिक्षक संगठन ने भी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। प्राथमिक शिक्षकों ने प्रदेश अध्यक्ष को शिक्षकों के चल रहे आंदोलन तथा 19 नवंबर को प्रस्तावित सीएम घेराव कार्यक्रम की भी जानकारी दी।

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राजेश ठाकुर ने शिक्षकों की बातों को सुनने के बाद कहा कि वे शिक्षकों की मांगों से सहमत हैं तथा वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इनपर बात कर समाधान का प्रयास करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर तथा मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के साथ भेदभाव कर रही है। छठे वेतनमान में जनवरी 2006 से उत्क्रमित वेतनमान लागू करने में शिक्षकों के न्यूनतम आरंभिक वेतन निर्धारण की विसंगति के निराकरण की अनदेखी की जा रही है जबकि इसी तरह के मामले में सचिवालय कर्मियों की समस्या का निराकरण कर दिया गया। स्थापना दिवस के दौरान कई संगठनों का प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।

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