झारखंड: ठनका गिरने से दो महिलाओं की हुई मौत, 8 लोगों की हालत गंभीर, अचानक मौसम बदलने की वजह से हुआ हादसा
Jharkhand: Two women died and eight others are in critical condition after being struck by lightning; the incident occurred due to a sudden change in the weather.

लोहरदगा। मानसूनी बारिश के साथ आसमान से मौत भी बरस रही है। झारखंड के लोहरदगा जिले में ठनका गिरने से दो लोगों की मौत हो गयी। शुक्रवार को वज्रपात की घटनाओं में दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को उपचार के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
खेत और गांव की सीमा पर गिरी बिजली
मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना कुडू थाना क्षेत्र के सलगी कोलपारा गांव में हुई। यहां घूरती उरांव (48 वर्ष) खेत में बादाम की फसल लगाने का काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गईं। घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई।वहीं दूसरी घटना बगडू थाना क्षेत्र के चरहू गांव में हुई। यहां असीदा खातून (40 वर्ष) अपनी बकरियों को चराने गांव की सीमा की ओर गई थीं। इसी दौरान वज्रपात होने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आठ लोग गंभीर रूप से झुलसे
वज्रपात की इन घटनाओं में आठ अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में करमा उरांव, सुनील उरांव, अनिल उरांव, सोमनाथ उरांव, सोनमती देवी, नीतू कुमारी, महेंद्र मुंडा और सरस्वती देवी शामिल हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।सभी का इलाज चल रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कुडू और बगडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बगडू थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला की मौत हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। वहीं कुडू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने भी महिला की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
एक महीने में पांच लोगों की जा चुकी है जान
लोहरदगा जिले में पिछले एक महीने के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।मानसून के दौरान मौसम विभाग लगातार गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी कर रहा है।









