झारखंड : पुलिस व ग्रामीणों में भिड़ंत, पत्थरबाजी में तीन पुलिसकर्मी घायल, इलाके में दो दिन के लिए निषेधाज्ञा लागू, जानिये क्यों भड़के ग्रामीणी
Jharkhand: Clash between police and villagers; three police personnel injured in stone-pelting; prohibitory orders imposed in the area for two days; find out why the villagers were agitated.

मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले से एक बड़ी खबर आ रही है। रांची-मेदिनीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर चियांकी स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर और फोरलेन परियोजना को लेकर ग्रामीण व प्रशासन आमने सामने आ गये हैं। मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक अब तक इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार, पथराव में जवान राजकुमार सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी के पैर और मोहम्मद जावेद के बाएं हाथ में चोट आई है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मुआवजे को लेकर भड़का विवाद
झड़प को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी और कर्मचारी गुरुवार को निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए मौके पर पहुंचे थे। सड़क किनारे अधिग्रहित भूमि पर बने चिन्हित मकानों को जेसीबी से हटाने की कार्रवाई जैसे ही शुरू की गई। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी का होने के बावजूद उन्हें कृषि भूमि के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। उचित मुआवजा नहीं मिलने से वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसी विवाद के कारण पिछले वर्ष से फ्लाईओवर निर्माण कार्य भी प्रभावित चल रहा है।
पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
विरोध बढ़ने पर पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी मौके से भाग गए।
दो दिन के लिए लागू हुई निषेधाज्ञा
घटना की सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय, एसडीपीओ राजेश यादव और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात पर नियंत्रण पाया।प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत क्षेत्र में दो दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
प्रशासन ने लोगों से समूह में एकत्र नहीं होने की अपील की है और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।सदर एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









