9 साल से अधूरा काम देख भड़के डिप्टी सीएम! खेल केंद्र में मची अफरा-तफरी, 15 दिन में मांगी जवाबदेही

खिलाड़ियों की सुविधाओं में देरी पर अरुण साव सख्त, अधिकारियों को फटकार; बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हर हाल में पूरी करें अधूरी परियोजनाएं

बिलासपुर। खिलाड़ियों के लिए बनाई जा रही खेल अधोसंरचनाओं में लगातार हो रही देरी को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव का सख्त रुख देखने को मिला। बुधवार को उन्होंने स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई का औचक निरीक्षण किया और वर्षों से लंबित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसियों को जमकर फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी, फ्लड लाइट, कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान, एचवीएसी सिस्टम तथा आउटडोर स्टेडियम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति सामने आने पर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नाराजगी जताई।

सबसे अधिक नाराजगी इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग के कार्य को लेकर देखने को मिली। वर्ष 2017 में जारी कार्यादेश के बावजूद यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है। लगभग नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी काम अधूरा रहने पर उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है, लेकिन यहां खिलाड़ियों के लिए बनाई जा रही सुविधाओं की गति बेहद धीमी है। संसाधनों और बजट की उपलब्धता के बावजूद काम लंबित रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। साथ ही 15 दिनों के भीतर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट लेकर उप मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत होने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान हॉस्टल में रखरखाव संबंधी खामियों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर नहीं होना चिंता का विषय है।

तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने जुलाई तक इसे पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं आउटडोर स्टेडियम में खराब पड़ी हाई मास्ट लाइट को तत्काल सुधारने और एचवीएसी सिस्टम के कार्यों में तेजी लाने के आदेश भी दिए।

हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त शौचालय निर्माण के निर्देश दिए। इसके अलावा कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदानों की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने कहा गया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र को प्रदेश के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण संस्थानों में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आधुनिक खेल सुविधाओं, बेहतर अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खेल प्रशिक्षण केंद्र में वर्षों से अटकी परियोजनाओं पर डिप्टी सीएम की इस सख्ती के बाद अब प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। आने वाले 15 दिन यह तय करेंगे कि मैदान में केवल खिलाड़ी दौड़ेंगे या फिर अधिकारियों की जवाबदेही भी।

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