AI से तैयार होती थीं खूबसूरत दुल्हनें, फिर फोन पर प्यार भरी बातें…परफेक्ट दुल्हन’ ढूंढ रहे कुंवारों के साथ गजब फर्जीवाड़ा, AI की हसीनाओं ने बना दिया कंगाल
AI से फर्जी दुल्हन की प्रोफाइल बनाकर शादी का झांसा देने वाले गिरोह का खुलासा। 610 युवकों से 50 लाख रुपये की ठगी, सरगना गिरफ्तार।

Marriage Bureau Scam। शादी की चाह रखने वाले युवकों को खूबसूरत दुल्हन का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। ये गैंग भावी दुल्हों के इमोशन से ना सिर्फ खेलता था, बल्कि उनसे लाखों रुपये ठगता भी था। पुलिस ने यूपी के कानपुर से एक गैंग का पर्दाफाश किया है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो के नाम पर चल रहे तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारकर इस हाईटेक ठगी का खुलासा किया है। गिरोह इंटरनेट से तस्वीरें लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आकर्षक प्रोफाइल तैयार करता था और फिर शादी कराने के नाम पर युवकों से मोटी रकम वसूलता था।
छत्तीसगढ़ से कानपुर तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह पहले छत्तीसगढ़ में सक्रिय था। वहां कार्रवाई तेज होने के बाद आरोपियों ने कानपुर को नया ठिकाना बना लिया। गिरोह का सरगना रंजीश कुमार गौड़ गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके तीन सहयोगी अमित, करम पटेल और जागृति फरार बताए जा रहे हैं।
‘परफेक्ट रिश्ते’ के नाम पर बिछाया जाल
गिरोह ‘परफेक्ट रिश्ते’, ‘शादी मैच इंडिया’ और ‘शादी मैच’ जैसे नामों से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर रहा था। सोशल मीडिया और वैवाहिक वेबसाइटों से युवकों के मोबाइल नंबर जुटाए जाते थे। इसके बाद कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां खुद को मैरिज काउंसलर बताकर संपर्क करती थीं। एक बार दुल्हा चंगुल में फंसा, तो फिर लाखों रुपये लुटाये बगैर बाहर नहीं जा सकता था।
AI से तैयार होती थी ‘सपनों की दुल्हन’
आरोपी इंटरनेट से सामान्य तस्वीरें डाउनलोड कर AI और एडिटिंग टूल्स की मदद से उन्हें बेहद आकर्षक बनाते थे। फोटो पसंद आने पर पीड़ितों को भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी बात संभावित जीवनसाथी से कराई जा रही है। हकीकत में कॉल सेंटर की महिला कर्मचारी ही अलग-अलग नामों से युवती बनकर बातचीत करती थीं।
फीस के नाम पर लाखों रुपये की वसूली
रिश्ता तय कराने, प्रोफाइल दिखाने और रजिस्ट्रेशन जैसे बहानों से 500 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। कई मामलों में युवकों से लाखों रुपये तक ऐंठ लिए गए। ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी फर्जी भुगतान रसीद और स्क्रीनशॉट भी भेजते थे।
610 लोगों से 50 लाख की ठगी का खुलासा
जांच में करीब 610 लोगों से 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी सामने आई है। कॉल सेंटर से जुड़ी 23 युवतियों से पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि इनमें से कई युवतियों को मामले में सरकारी गवाह बनाया जाएगा।साइबर पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए नौ बैंक खातों को सीज कराया है। आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है।









