रायपुर में चली बड़ी रणनीति! भारत-अमेरिका व्यापार को नई रफ्तार देने बैंक और बीमा कंपनियों संग हुई अहम बैठक
निर्यातकों को कर्ज, बीमा और वित्तीय सहायता बढ़ाने पर मंथन, संसदीय समिति ने जुटाए अहम सुझाव

रायपुर। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में रायपुर में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं और बीमा सुरक्षा के विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को लेकर व्यापारिक और वित्तीय क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष डोला सेन की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक चल रहे अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर अध्ययन दौरे का हिस्सा है। समिति ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेकर एक विस्तृत और तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार कर रही है।
बैठक के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों को उपलब्ध वित्तीय सेवाओं, ऋण सुविधाओं, जोखिम प्रबंधन तंत्र और बीमा योजनाओं पर विशेष फोकस रहा। इस दौरान Punjab National Bank, Bank of India, Agriculture Insurance Company of India तथा National Bank for Agriculture and Rural Development के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।
प्रतिनिधियों ने बताया कि कृषि निर्यातकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, जोखिम कम करने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बैठक में किसानों और उद्यमियों तक इन सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने तथा निर्यात प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समिति ने इस बात पर भी चर्चा की कि भारत के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अधिक अवसर कैसे मिल सकते हैं। निर्यात संवर्धन, वित्तीय सहयोग और बीमा सुरक्षा को मजबूत कर भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उपायों पर भी गंभीर मंथन हुआ।
बैठक में संसदीय स्थायी समिति के कई सदस्य सांसद मौजूद रहे। सदस्यों ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संभावित उपायों पर विस्तार से चर्चा की। समिति द्वारा अध्ययन दौरे के दौरान जुटाई जा रही जानकारियां भविष्य की व्यापारिक नीतियों और निर्यात रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती हैं।












