दुर्ग में खुला भविष्य का दरवाजा! CM साय ने किया IT पार्क का शुभारंभ, अब युवाओं को घर बैठे मिल सकते हैं बड़े अवसर

IIT भिलाई की पहल से तैयार हुआ दुर्ग IT पार्क, रोजगार, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर में छत्तीसगढ़ को मिल सकती है नई पहचान

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी अवसरों का नया अध्याय शुरू हो गया है। सुशासन तिहार 2026 के तहत दुर्ग प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को बहुप्रतीक्षित “दुर्ग आईटी पार्क” का शुभारंभ किया। आईआईटी भिलाई की पहल पर नगर निगम दुर्ग और छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से विकसित यह परियोजना प्रदेश के डिजिटल और तकनीकी भविष्य को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह केवल एक भवन या आधारभूत संरचना नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशीलता को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि दुर्ग आईटी पार्क प्रदेश को तकनीक आधारित विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल परिवर्तन और नवाचार आधारित विकास को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में दुर्ग आईटी पार्क जैसी परियोजनाएं न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी, बल्कि युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर करियर विकल्प भी उपलब्ध कराएंगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह आईटी पार्क स्टार्टअप संस्कृति, तकनीकी अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को तकनीकी कंपनियों और उद्योग जगत से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कौशल क्षमता और रोजगार संभावनाएं दोनों बढ़ेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आईटी पार्क जैसी परियोजनाएं इस दिशा में मजबूत आधार तैयार करेंगी और छत्तीसगढ़ को तकनीकी निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने से प्रदेश में नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी। इससे न केवल रोजगार सृजित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह पार्क टेक्नोलॉजी कंपनियों, नवाचार केंद्रों और युवा उद्यमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

आईआईटी भिलाई की इस पहल को शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मॉडल के जरिए छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जुड़ने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी इसे छत्तीसगढ़ के डिजिटल भविष्य की महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उनका कहना था कि यह आईटी पार्क शिक्षा, तकनीक और उद्योग के बीच मजबूत पुल का काम करेगा तथा प्रदेश को उभरते हुए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि दुर्ग आईटी पार्क आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की आर्थिक और तकनीकी पहचान को नई मजबूती देगा और प्रदेश के हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान प्रदान करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close