Garhwa News: प्रसूता की मौत पर अस्पताल में जमकर बवाल, शव रखकर घंटों प्रदर्शन, सिविल सर्जन व प्रभारी चिकित्सक को परिजनों ने घंटों घेरा
Garhwa News: Uproar at the hospital following the death of a woman after childbirth; relatives staged a protest for hours with the body and surrounded the Civil Surgeon and the doctor in charge for an extended period.

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आज जमकर हंगामा हुआ। प्रसव के बाद एक महिला की मौत पर परिजनों ने खूब विवाद हुआ। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया और चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई तथा मुआवजे की मांग की। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सिविल सर्जन और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भी अस्पताल परिसर में घेरकर रखा गया।
प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतका की पहचान कमला कुमारी, पति सोनू कुमार कुशवाहा के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि 4 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे प्रसव के लिए उन्हें डंडई सीएचसी में भर्ती कराया गया था। तड़के करीब 3:30 बजे छोटे ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, लेकिन समय रहते डॉक्टर को नहीं बुलाया गया। उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने चिकित्सक के बजाय सफाईकर्मी को बुलाया और करीब साढ़े तीन घंटे तक महिला की हालत बिगड़ती रही। बार-बार रेफर करने की मांग के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एंबुलेंस नहीं मिली, निजी वाहन से ले जाना पड़ा
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को निजी वाहन से गढ़वा के एक निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शव रखकर किया प्रदर्शन
घटना से नाराज परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सोमवार सुबह अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सिविल सर्जन को मौके पर बुलाया
प्रदर्शन के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार राम ने मामले की जांच का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन नहीं माने। इसके बाद गढ़वा के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी को मौके पर बुलाया गया।
सिविल सर्जन ने परिजनों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई तथा अस्पताल की व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कई घंटे तक धरने पर डटे रहे और अधिकारियों को अस्पताल परिसर में ही रोके रखा।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी देवलाल करमाली के हस्तक्षेप के बाद सिविल सर्जन ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को चपरासी की नौकरी दिलाने, नवजात बच्ची की निशुल्क शिक्षा, आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब चार बजे धरना समाप्त हुआ और अधिकारियों को जाने दिया गया।
सिविल सर्जन ने क्या कहा?
सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि प्रसूता की मौत बेहद दुखद है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मरीजों को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल भेजने की शिकायत मिली है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्था मजबूत करने और 24 घंटे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।









