पत्रकार मर्डर केस में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, जेल में रची गयी थी साजिश, पत्रकार के भाई की हत्या से जुड़ा….

अररिया। पत्रकार की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पत्रकार विमल यादव की हत्या की साजिश जेल में रची गयी थी। मर्डर का कनेक्शन पत्रकार के भाई की हत्या से जुड़ा है। पुलिस ने प्रारंभिक तौर की पड़ताल में खुलासा किया है कि कि सुपौल जेल में बंद रुपेश यादव और अररिया जेल में बंद क्रांति यादव ने अपने साथियों के साथ हत्या की प्लानिंग की थी। मृतक के पिता ने 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

पुलिस ने 4 आरोपियों विपिन यादव, भावेश यादव, आशीष यादव और उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। 2 आरोपी रुपेश यादव और क्रांति यादव अररिया और सुपौल जेल में हैं और पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। वहीं, 2 आरोपी फरार हैं। आपको बता दें कि शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 5 बजे पत्रकार के घर पर चार की संख्या में अपराधी आए। बदमाशों ने गेट के बाहर से विमल भैया कहकर आवाज लगाई। जैसे ही उन्होंने गेट खोला, अपराधियों ने उनके सीने में गोली मार दी। पत्रकार विमल यादव वहीं गिर गए।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

एसपी ने बताया कि इन्हीं दोनों अपराधियों ने 2019 में पत्रकार के भाई गब्बू यादव की भी हत्या की थी। इस केस में विमल यादव इकलौते गवाह थे, लेकिन गवाही देने से पहले ही उनकी हत्या करवा दी। पत्रकार विमल यादव को भी कुछ महीने पहले से गोली मार देने की धमकी मिल रही थी। वह अपने भाई के मर्डर केस में इकलौते गवाह थे। उनके भाई की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। विमल का 15 साल का बेटे और 13 साल की बेटी है।

आपको बता दें कि विमल भैया..विमल भैया आवाज देकर पत्रकार को घर से बुलवाया, जैसे ही पत्रकार विमल यादव दरवाजा खोलकर बाहन निकले, बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी। खून से लथपथ पत्रकार पर उनकी पत्नी की नजर पड़ी। इधर गोली की आवाज सुनकर जब ग्रामीण जुटने लगे तो सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से रानीगंज CHC में उन्हें भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close