रांची में साइबर ठगी का नया खेल: नगर निगम और बिजली विभाग के नाम पर लोगों से हो रही धोखाधड़ी, विभाग ने जारी किया अलर्ट

New Cyber ​​Fraud Scheme in Ranchi: People Being Defrauded in the Name of the Municipal Corporation and Electricity Department; Department Issues Alert

झारखंड की राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया और खतरनाक तरीका अपना लिया है। अब ठग नगर निगम और बिजली वितरण निगम के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी वाटर कनेक्शन जांच के नाम पर तो कभी स्मार्ट मीटर अपग्रेड के बहाने उपभोक्ताओं को डराकर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं।

कई मामलों में तो मोबाइल हैक कर सीधे बैंक खातों से रकम उड़ाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

दो तरीके से हो रही ठगी: घर और डिजिटल माध्यम से हमला

अधिकारियों के अनुसार साइबर ठग मुख्य रूप से दो तरीकों से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। पहला तरीका है खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर घर-घर पहुंचना और दूसरा तरीका फोन या व्हाट्सएप के जरिए डिजिटल फ्रॉड करना।

इन दोनों ही तरीकों में लोगों को डर और भ्रम में डालकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

घर पहुंचकर नकली कर्मचारी बनकर वसूली

ठग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर लोगों के घर पहुंच रहे हैं। वे पेयजल कनेक्शन, बकाया बिल या दस्तावेजी गड़बड़ी का हवाला देकर कार्रवाई और कनेक्शन काटने की धमकी देते हैं।

डर के माहौल में कई लोग तुरंत नकद भुगतान कर देते हैं। जानकारी के अनुसार इस तरह की ठगी में दो हजार से लेकर दस हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है।

स्मार्ट मीटर के नाम पर मोबाइल हैक का खेल

दूसरे तरीके में बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर कहा जाता है कि उनका स्मार्ट मीटर अपग्रेड नहीं हुआ है और जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।

इसके बाद व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी जाती है। जैसे ही उपभोक्ता उसे डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है। इसके बाद साइबर अपराधी बैंकिंग ऐप और निजी डेटा तक पहुंच बनाकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं।

अधिकारियों की चेतावनी और अपील

नगर निगम और बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी घर-घर जाकर नकद वसूली नहीं करता। साथ ही किसी उपभोक्ता को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए भी नहीं कहा जाता।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें। अगर कोई व्यक्ति विभाग का कर्मचारी बनकर पैसे मांगता है तो उसकी पहचान की पुष्टि संबंधित कार्यालय से जरूर करें।

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