मन की बात में अचानक गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, PM मोदी ने जिस युवा और विरासत का किया जिक्र, उससे बढ़ा पूरे प्रदेश का मान
अनिमेष कुजूर की रिकॉर्डतोड़ दौड़ से लेकर मल्हार की 1500 साल पुरानी धरोहर तक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया गर्व और प्रेरणा का ऐतिहासिक क्षण

मुख्यमंत्री ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस आत्मीयता के साथ छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर और बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख किया, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अनिमेष ने अपने संकल्प, मेहनत और अनुशासन के दम पर वह मुकाम हासिल किया है, जो यह साबित करता है कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ महज 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा खिलाड़ी की उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संदेश है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड काल में खेलों के प्रति रुचि बढ़ने से शुरू हुई यह यात्रा आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि अनिमेष का यह विश्वास कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं, देश की नई पीढ़ी की बदलती सोच और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना को लेकर जो संदेश दिया, वह बेहद प्रेरणादायक है। प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे से आगे निकलने की नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने की होनी चाहिए। यही नई खेल संस्कृति भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ में बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार का उल्लेख भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ज्ञान भारतम् अभियान के तहत यहां प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाएं लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही हैं, जो पांडुवंशी शासनकाल और महर्षि बालार्जुन काल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारियां समेटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई ये ताम्र-पट्टिकाएं केवल पुरातात्विक खोज नहीं हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रमाण हैं। ऐसी धरोहरें आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और ऐतिहासिक पहचान से जोड़ने का कार्य करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच से मल्हार जैसी ऐतिहासिक धरोहर का उल्लेख किए जाने से समाज में विरासत संरक्षण के प्रति नई जागरूकता और सम्मान की भावना विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत सभी को समान महत्व दे रहा है। एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है, तो दूसरी ओर मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी दुनिया तक पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।









