चौंकाने वाला खुलासा! ड्रग्स सप्लाई करता था पुलिस अधिकारी का बेटा, ANTF की दबिश में पकड़ा गया

Chandigarh News:चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया है। चंडीगढ़ पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे की सप्लाई करने आए एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी एक पुलिस अधिकारी का बेटा है।
कार से कर रहा था नशे की सप्लाई
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक चंदेल, निवासी बटलान, जीरकपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, अभिषेक i20 कार के जरिए चंडीगढ़ में नशे की सप्लाई देने आया था।
ANTF को पहले ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी, जिसके बाद सेक्टर-28 और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी की गई।
भागने की कोशिश, लेकिन नहीं बच पाया
चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय भागने की कोशिश की।
ANTF टीम ने कुछ दूरी तक पीछा कर कार को घेर लिया और आरोपी को बाहर निकालकर तलाशी ली।
10.1 ग्राम ‘आइस’ बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 10.1 ग्राम आइस (मेथामफेटामाइन) बरामद हुई। इसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
ANTF अब आरोपी के नशा नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
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नशा कहां से लाया जाता था
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चंडीगढ़ में किन-किन लोगों को सप्लाई दी जा रही थी
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क्या इसमें और लोग भी शामिल हैं?
माता-पिता हैं बड़े पदों पर
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी B.Tech ग्रेजुएट है और ऑनलाइन काम करता है। लेकिन उसके खर्चे और शौक उसकी कमाई से कहीं ज्यादा थे, जिसके चलते वह नशे की सप्लाई में उतर गया।
पुलिस के अनुसार:
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आरोपी के पिता असम में केंद्रीय सशस्त्र बल में उच्च पद पर तैनात हैं
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मां नोएडा में उसी बल से जुड़े एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी उसके माता-पिता को नहीं दी है।
सवाल जो खड़े हो रहे हैं
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क्या वाकई अभिषेक अकेला था या पीछे कोई बड़ा रैकेट है?
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क्या ‘पुलिस अधिकारी का बेटा’ होने का उसे कोई फायदा मिला?
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ANTF की जांच में कौन-कौन से नाम सामने आएंगे?
इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि नशे का जाल किसी पद या पहचान को नहीं देखता।









