जिंदा बेटी को ‘मृत’ घोषित कर दिया! पिता ने छपवाया शोक संदेश, पूरे इलाके में सनसनी

लव मैरिज से नाराज़ पिता का बड़ा कदम—तीये से लेकर मृत्युभोज तक की तारीखें तय, हर कोई है हैरान
भीलवाड़ा:
राजस्थान के Bhilwara जिले के अमाल्दा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है। यहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी को ‘मृत’ मानते हुए उसका शोक संदेश तक छपवा दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
जिंदा बेटी के लिए छप गया ‘शोक पत्र’
जानकारी के मुताबिक, पिता Devendra Singh Kanawat ने अपनी 27 वर्षीय बेटी आकांक्षा कानावत का शोक संदेश छपवाया, जिसमें उसकी ‘मृत्यु’ की तारीख 20 मार्च 2026 बताई गई है।
इतना ही नहीं, शोक पत्र में 22 मार्च को तीये की बैठक और 31 मार्च को ब्रह्मभोज तक की तारीखें भी तय कर दी गईं।
वजह बनी बेटी का फैसला
बताया जा रहा है कि आकांक्षा ने परिवार की इच्छा के खिलाफ दूसरे समाज के युवक के साथ संबंध बना लिया और उसके साथ रहने का फैसला किया।
पुलिस दोनों को थाने लेकर आई, जहां परिवार ने बेटी को समझाने की काफी कोशिश की। लेकिन जब वह नहीं मानी, तो पिता ने यह कठोर कदम उठा लिया।
“मेरे लिए मर चुकी है” – पिता का दर्द
पिता ने थाने में बेटी से हाथ जोड़कर घर लौटने की गुहार लगाई, लेकिन बेटी अपने फैसले पर अड़ी रही।
इससे आहत होकर पिता ने उसे हमेशा के लिए त्याग दिया और समाज के सामने यह संदेश देने के लिए उसे ‘मृत’ घोषित कर दिया।
शोक संदेश में झलका दर्द
छपवाए गए शोक पत्र में आकांक्षा की फोटो के साथ पूरा कार्यक्रम लिखा गया है। नीचे ‘शोक संतप्त’ में पिता और पूरे परिवार का नाम भी दिया गया है।
यह कदम इलाके में चर्चा और बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है—क्या यह परंपरा और समाज का दबाव है या एक पिता का टूटा हुआ दिल?
पुलिस का क्या कहना है?
स्थानीय पुलिस अधिकारी Puranmal Meena के अनुसार, युवती बालिग है और उसने अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने का फैसला किया है। युवती ने पुलिस से सुरक्षा भी मांगी है, जिसके बाद उसे सुरक्षा प्रदान की गई है।








