Facebook पर विदेशी फ्रेंड बनाना महिला को पड़ा महंगा, बर्थडे गिफ्ट देने के बहाने लगाया लाखों का चूना, पार्सल चार्ज के नाम पर बनाया बेवकूफ, FIR दर्ज
Making a foreign friend on Facebook proved costly for a woman; she was swindled out of lakhs under the pretext of receiving a birthday gift and duped into paying 'parcel charges'—FIR registered.

रांची। सोशल मीडिया पर अनजाने को दोस्त बनाना महंगा पड़ गया। लोगों से दोस्ती करना एक महिला को भारी पड़ गया। फेसबुक पर विदेशी नागरिक बनकर दोस्ती करने वाले साइबर ठगों ने गिफ्ट पार्सल भेजने का झांसा देकर महिला से लाखों रुपये की ठगी कर ली। मामले में नामकुम के सदाबहार चौक निवासी उमा कुमारी ने रांची साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, 27 मार्च 2026 को महिला को फेसबुक पर ‘डॉ. सैम चेरिस’ नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। दोस्ती स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत व्हाट्सऐप पर शुरू हुई। आरोपी ने खुद को यूनाइटेड किंगडम (यूके) का निवासी बताया और धीरे-धीरे महिला का विश्वास जीत लिया।
बेटी के जन्मदिन का बहाना, गिफ्ट भेजने का झांसा
कुछ दिनों बाद आरोपी ने अपनी कथित बेटी के जन्मदिन का हवाला देते हुए महिला को विदेश से महंगा गिफ्ट पार्सल भेजने की बात कही और उसका पता मांग लिया। महिला उसके झांसे में आ गई।
कस्टम अधिकारी बनकर शुरू हुई ठगी
इसके बाद खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताने वाली एक महिला का फोन आया। उसने पार्सल छुड़ाने के लिए अलग-अलग शुल्क जमा कराने की बात कही। सबसे पहले कार्गो शिपिंग चार्ज के नाम पर 25 हजार रुपये लिए गए।
इसके बाद ठगों ने दावा किया कि पार्सल में 30 हजार पाउंड हैं, जिन्हें भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए 75 हजार रुपये जमा कराने होंगे। इतना ही नहीं, महिला को यह कहकर डराया गया कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हो सकता है।
हर बार नया बहाना, लगातार वसूले पैसे
ठगों ने यहीं नहीं रुके। रेलवे से पार्सल भेजने, एक्स-रे मशीन में विदेशी मुद्रा पकड़े जाने, दिल्ली जांच टीम की कार्रवाई, टिकट खर्च और मिसिंग डॉक्यूमेंट्स की पेनाल्टी जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर महिला से कई किश्तों में 55 हजार, 45 हजार रुपये सहित बड़ी रकम वसूल ली।बाद में ठगों ने यह नाटक भी रचा कि महिला का फेसबुक मित्र भारत आ गया है और उसे मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया है। उसे छुड़ाने के लिए इमिग्रेशन क्लियरेंस के नाम पर भी पैसे मांगे गए।
1930 पर शिकायत, साइबर थाने में केस दर्ज
बार-बार पैसों की मांग से परेशान होकर महिला को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और केंद्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर अब रांची साइबर अपराध थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
साइबर पुलिस की सलाह: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और विदेश से गिफ्ट या पार्सल भेजने के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहें। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।









