झारखंड में फिर मेहरबान हुआ मानसून, 11 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट; पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी
झारखंड में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 11 जुलाई तक पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना है।

रांची। झारखंड में मानसून को लेकर बड़ी अपडेट है। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 48 घंटों से राज्य के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक बारिश का यह दौर जारी रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची मौसम केंद्र ने 11 जुलाई तक पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी दी है।
झारखंड मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से झारखंड में मानसून सक्रिय हुआ है। इसके कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 8 से 11 जुलाई के बीच कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।पिछले 24 घंटे में राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 96.3 मिमी वर्षा रामगढ़ डीवीसी क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई।
अन्य प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
• रामगढ़ (डीवीसी) – 96.3 मिमी
• बोकारो थर्मल – 75.6 मिमी
• रांची – 45 मिमी
• चाईबासा – 42.3 मिमी
• जमशेदपुर – 40.6 मिमी
डालटनगंज सबसे गर्म, कांके सबसे ठंडा
बारिश के बावजूद मंगलवार को डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रांची के कांके में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
12 जुलाई से कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 8 से 11 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि 12 और 13 जुलाई से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। इस दौरान केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।हालांकि मानसून सक्रिय हो गया है, लेकिन राज्य में अब भी बारिश का बड़ा घाटा बना हुआ है। 1 जून से 7 जुलाई के बीच झारखंड में 172.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 255.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब भी 32 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।
सबसे ज्यादा बारिश की कमी इन जिलों में दर्ज की गई—
• गोड्डा : -77%
• गढ़वा : -67%
• चतरा : -65%
• पाकुड़ : -64%
मौसम विभाग ने लोगों को अगले चार दिनों तक मौसम संबंधी अलर्ट का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।









