45 डिग्री की तपती गर्मी… चारों तरफ धधकती आग… और बीच में बैठी विदेशी साधिका! पुष्कर में शुरू हुई रहस्यमयी तपस्या

अजमेर | पुष्कर:
राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच Pushkar से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। रूस मूल की विदेशी साधिका और नाथ संप्रदाय में दीक्षित योगिनी Annapurna Nath ने ज्येष्ठ मास की तपती गर्मी में 21 दिन की कठिन अग्नि तपस्या का संकल्प लिया है।
श्मशान स्थल स्थित अघोरी सीताराम बाबा आश्रम में चल रही इस अनोखी साधना में योगिनी अन्नपूर्णा नाथ रोज़ाना नौ धधकती धूनियों के बीच बैठकर शिव साधना और गुरु बीज मंत्र का जाप कर रही हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह साधना दिन के सबसे गर्म समय—सुबह 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक—की जा रही है, जब तापमान अपने चरम पर होता है।
सूत्रों के मुताबिक यह तपस्या 3 मई से शुरू हुई है और 25 मई तक चलेगी। तपस्या की पूर्णाहुति संत भंडारे के साथ होगी।
योगिनी अन्नपूर्णा नाथ अपने गुरु Deepak Nath के मार्गदर्शन में यह साधना कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह उनकी पहली अग्नि तपस्या है, जबकि उनके गुरु पहले भी कई बार ऐसी कठिन साधनाएं कर चुके हैं।
साधना के दौरान दोनों साधक शरीर पर गौमय भस्म का लेप लगाते हैं और गोबर के कंडों से जल रही धूनियों के बीच योग मुद्रा में बैठते हैं। अंतिम दिन 108 कंडों से विशेष अग्नि धूनी प्रज्वलित की जाएगी।
विदेशी भूमि से आकर भारतीय सनातन परंपरा में इस तरह की कठोर साधना करने की खबर अब श्रद्धालुओं और साधु-संतों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।









