मस्जिद में खून की दास्तान….हथौड़ी के वार से टूटी मां की खोपड़ी….बेटियों के सिर पर दो-दो घाव…दिल दहला देने वाला ट्रिपल मर्डर!
मौलाना की पिटाई से नाराज दो किशोरों ने लिया खौफनाक बदला, हथौड़ी और छुरी से की मौलाना की पत्नी और दो बेटियों की निर्मम हत्या

मस्जिद में खून की दास्तान….हथौड़ी के वार से टूटी मां की खोपड़ी….बेटियों के सिर पर दो-दो घाव…दिल दहला देने वाला ट्रिपल मर्डर!
मौलाना की पिटाई से नाराज दो किशोरों ने लिया खौफनाक बदला, हथौड़ी और छुरी से की मौलाना की पत्नी और दो बेटियों की निर्मम हत्या
बागपत ज़िले के गांगनौली गांव से आई इस वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। मस्जिद के भीतर घटित ट्रिपल मर्डर के इस खौफनाक कांड में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जो खुलासा किया है, उसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएँगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, मौलाना की पत्नी इसराना के सिर पर हथौड़ी से कई वार किए गए, जिससे उनकी खोपड़ी तक टूट गई। गले पर भी छुरी से वार के निशान मिले हैं। वहीं, उनकी दोनों बेटियों सुमैय्या और सोफिया के सिर पर भी दो-दो गहरे हथौड़ी के घाव पाए गए, जो उनकी मौत का कारण बने।
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब मौलाना इब्राहीम ने मस्जिद में तालीम लेने वाले दो किशोरों को सही से पढ़ाई न करने पर डांट-फटकार लगाई और उनकी पिटाई कर दी। उसी अपमान का बदला लेने के लिए दोनों किशोरों ने अगली ही दोपहर मौलाना की गैरमौजूदगी में हथौड़ी और छुरी से लैस होकर मस्जिद पहुंचकर हत्याकांड को अंजाम दिया।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने इस वारदात का सच सामने ला दिया। रिकॉर्डिंग में दोनों नाबालिग छात्रों को मस्जिद में प्रवेश करते और बाद में कैमरे बंद करते देखा गया। दो घंटे बाद जब कैमरे फिर चालू हुए, तो वे मस्जिद से बाहर निकलते दिखाई दिए। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर लिया और बाल सुधार गृह भेज दिया।
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि तीनों मौतों का कारण सिर में लगी गहरी चोटें हैं। हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी और छुरी दोनों बरामद कर ली गई हैं।
इस त्रासदी के बाद गांगनौली गांव में सन्नाटा पसरा है। लोग अब भी सहमे हुए हैं। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचकर पीड़ित मौलाना से मिला और घटना पर दुख व्यक्त किया।
कहना गलत नहीं होगा — गांगनौली की यह वारदात सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज को हिला देने वाली “मासूमियत पर पाले गए बदले” की कहानी बन गई है।









