झारखंड : धनबाद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल…43 कर्मियों के तबादले से सरकारी महकमे में हलचल

Major Administrative Reshuffle in Dhanbad: Transfers of 43 Personnel Create a Stir in Government Departments

धनबाद जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने 43 सरकारी कर्मियों का विभिन्न विभागों में स्थानांतरण कर दिया है। इनमें 34 निम्न वर्गीय लिपिक, एक कार्यालय अधीक्षक, पांच प्रधान लिपिक और तीन उच्च वर्गीय लिपिक शामिल हैं।

यह कार्रवाई मुख्य सचिव, झारखंड रांची के निर्देश पर की गई है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण और कार्यहित को ध्यान में रखते हुए दूसरे विभागों में भेजा गया है।

वित्तीय कार्यों को लेकर प्रशासन का सख्त रुख

प्रशासन ने केवल ट्रांसफर तक ही कदम सीमित नहीं रखा बल्कि वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।

जिन लिपिकों और प्रधान लिपिकों के पास विपत्र कार्य का प्रभार था और जो तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रभार दूसरे कर्मचारियों को सौंपने का आदेश दिया गया है।

इसके साथ ही उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में संविदा या एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों का जिम्मा नहीं दिया जाएगा।

डिजिटल सिग्नेचर और ओटीपी साझा करने पर कड़ी चेतावनी

सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों यानी डीडीओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने डिजिटल सिग्नेचर और ओटीपी किसी भी परिस्थिति में किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। प्रशासन इसे वित्तीय सुरक्षा और जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है।

25 मई तक रिलीव करने का अल्टीमेटम

उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 25 मई 2026 तक हर हाल में स्थानांतरित कर्मियों को विरमित किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि समय सीमा तक विरमित नहीं किया गया तो 26 मई से संबंधित कर्मी स्वतः विरमित माने जाएंगे।

सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को 26 मई को नए पदस्थापन कार्यालय में योगदान देना होगा। मई महीने का वेतन भी नए कार्यालय से ही निकाला जाएगा।

प्रधान लिपिक और उच्च वर्गीय लिपिकों के भी बदले विभाग

प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण शाखाओं में पदस्थापन बदले गए हैं। जिला राजस्व शाखा के कार्यालय अधीक्षक को जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया है। वहीं जिला निर्वाचन शाखा के प्रधान लिपिक का तबादला जिला आपूर्ति कार्यालय में किया गया है।

इसके अलावा गोपनीय शाखा, पंचायत कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय के प्रधान लिपिकों को भी अलग अलग विभागों में भेजा गया है।

उच्च वर्गीय लिपिकों के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। जिला आपूर्ति शाखा, जिला भू अर्जन कार्यालय और जिला विकास शाखा के कर्मचारियों को नए विभागों में पदस्थापित किया गया है।

जिले के कई प्रखंड और अंचल कार्यालय भी प्रभावित

यह फेरबदल केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। जिला स्थापना शाखा, सामान्य शाखा, राजस्व शाखा, जन शिकायत कोषांग, पंचायत कार्यालय सहित धनबाद, निरसा, तोपचांची, गोविंदपुर, पूर्वी टुंडी, टुंडी, झरिया, बलियापुर, बाघमारा, एगारकुंड और कलियासोल के प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों का भी स्थानांतरण किया गया है।

प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश

धनबाद प्रशासन का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। ऐसे में यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक संतुलन मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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