बड़ी खबर: बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में उठाया छात्रों का मुद्दा! “स्कॉलरशिप के अभाव में विवश छात्र”, जानें किस योजना की बात?

Big news: Babulal Marandi raised the issue of students in the Assembly! "Students are helpless due to lack of scholarships," find out which scheme is being discussed?

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को छात्र, नौजवान और किसानों से जुड़े मुद्दों पर घेरा. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम सदन के भीतर छात्रों, नौजवानों और किसानों से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं और इस समय इससे महत्वपूर्ण मामला और कुछ नहीं हो सकता. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है.

एससी, एसटी और ओबीसी बच्चों को पढ़ाई में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि स्कॉलरशिप की राशि नहीं मिलने की वजह से बच्चों को कहीं होटल में प्लेट धोकर तो कहीं दिहाड़ी करके खर्चा निकालना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई बच्चों की पढ़ाई छूट गई है.

बाबूलाल मरांडी ने उठाया किसानों का मुद्दा
बाबूलाल मरांडी ने सदन में किसानों का मुद्दा भी उठाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार धान खरीद में देरी कर रही है. किसान धान की फसल को काटकर खलिहान में ले आया है लेकिन सरकार उसे खरीद नहीं रही है. पिछले वर्ष सरकार ने 3200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया था लेकिन उसमें भी काफी देरी की गई. किसान खुली मंडी में 1500-1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने को मजबूर है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शून्यकाल पढ़वाने का कोई मतलब नहीं हुआ. पिछले सत्र में हमने देखा कि शून्यकाल के दौरान उठाए गए सवालों का जवाब विभागीय पदाधिकारी नहीं देते हैं.

स्कॉलरशिप के इंतजार में हैं 6.63 लाख बच्चे
गौरतलब है कि झारखंड में 6.63 लाख बच्चों को ई-कल्याण वाली स्कॉलरशिप नहीं मिली है. विद्यार्थियों को सत्र 2024-25 की स्कॉलरशिप नहीं मिली है. आज ही हिन्दुस्तान अखबार में रिपोर्ट छपी है कि 2,157 स्कूलों की 1 लाख से ज्यादा छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ नहीं मिला है. ई-कल्याण स्कॉलरशिप को लेकर हजारीबाग और रांची में प्रदर्शन हो चुका है.

सरकार का कहना है कि केंद्रांश नहीं मिलने की वजह से मुश्किल आई जबकि केंद्र सरकार का तर्क है कि वर्ष 2022 में राय-मशवरा किए बिना ही हेमंत सरकार ने स्कॉलरशिप स्कीम की राशि में इजाफा किया जो हम देने में असमर्थ हैं.

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