शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य भर के शिक्षकों को दी बधाई,साथ ही जाहिर की तंगहाली का दर्द

रांची : प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक शेेख ने कहा कि अपने ही मान – सम्मान एवं वाजिब हक के लिए 22 वर्षो से संघर्ष कर रहा है राज्य के 62,000 सहायक अध्यापक सम्प्रति पारा शिक्षक , अधिकारी एवं सत्ता के बीच पैण्डुल की तरह समस्याओ से झुल रहा हैं ।
उन्होने कहा कि राज्य के 6,2000 सहायक अध्यापक प्राथमिक शिक्षा की रीड है,मगर प्राथमिक शिक्षक पारा शिक्षकों के भविष्य सुरक्षा का ये हाल है कि अपने ही साथीयो के मौत पर दाह-संस्कार से लेकर श्राद्ध कार्यक्रम तक पारा शिक्षकों के चंदा एवं सहयोग पर आश्रित है ।
राज्य संयोजक बिनोद तिवारी ने कहा कि पारा शिक्षकों ने सरकार बदली , सरकार ने पारा शिक्षकों के नाम बदला , मगर बदली नही तो पारा शिक्षकों की तस्वीर और तकदीर।
कार्यकारी अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि माननीय विभागीय मंत्री श्री जगरनाथ महतो के जाने के बाद विभाग अनाथ हो गया , पारा शिक्षकों के साथ हुए वादा , समझौते वा नियमावाली मे संसोधन फाईलो मे धुंल फांक रही है ।
राज्य प्रधान सचिव सुमन कुमार सिंह ने कहा कि वेतनमान के वादे के साथ हेमन्त सोरेन की सरकार सत्ता आई थी ,लेकिन वेतनमान तो छोड़िए, वेतनमान के समतुल्य मानदेय के लिए तरस रहे हैं पारा शिक्षक। ईपीएफ ओर नियमावाली संशोधन के नाम पर खाना पुर्ति कर रही है सरकार।
राज्य महासचिव विकास कुमार चौधरी ने कहा कि 6 वर्षो से कल्याण कोष की फाइल अधिकारीयो के षड़यंत्र का शिकार हआ है ।
पारा शिक्षक सम्प्रति सहायक अध्यापक कल हम सब 5 सितम्बर पर भारी दुखी मन से शिक्षक दिवस मनाएंगे, सरकार का विरोध ना करते हुए काला बिल्ला नही लगाएंगे। 10 सितंबर के राज्य स्तरीय बैठक के उपरांत सरकार के वादाखिलाफी के विरोध मे सड़क पर उतरेंगे राज्य के सहायक अध्यापक ।








