किन्नर की शादी: 4 साल का प्यार, परिवार का विरोध और फिर धूमधाम से शादी…मास्टर साहब के बेटे ने किन्नर से रचायी शादी, वीडियो हुआ वायरल

बेगूसराय में युवक विकास ठाकुर ने अपनी किन्नर साथी सुशीला कुमारी से धूमधाम से शादी की। 4 साल के प्रेम, परिवार के विरोध और कोर्ट मैरिज के बाद वैदिक रीति-रिवाजों से हुई शादी का वीडियो वायरल।

बेगूसराय। शिक्षक के बेटे की किन्नर के साथ शादी, इलाके में खूब चर्चा में है। ये शादी उस वक्त हुई, जब परिवार के साथ विरोध में खड़े थे। मामला बिहार के बेगूसराय जिले की है, जहां हुई एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। युवक ने समाज की परंपरागत सोच को चुनौती देते हुए अपनी किन्नर साथी से न सिर्फ प्रेम विवाह किया, बल्कि पूरे रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर उसे सामाजिक रूप से भी अपना लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुई थी पहली मुलाकात

भगवानपुर प्रखंड के संजात गांव निवासी विकास ठाकुर, जो एक सरकारी शिक्षक के पुत्र हैं, की मुलाकात वर्ष 2022 में मंझौल के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सुशीला कुमारी से हुई थी। दोनों की पहचान पहले दोस्ती में बदली और फिर मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।समय के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आए और जीवनभर साथ रहने का फैसला कर लिया। हालांकि उनके रिश्ते की राह आसान नहीं थी।

किन्नर होने की वजह से हुआ विरोध

जब दोनों के रिश्ते की जानकारी परिवार और समाज को मिली, तो इसका विरोध शुरू हो गया। सुशीला के किन्नर होने के कारण दोनों परिवारों और समाज के कुछ लोगों ने इस रिश्ते पर आपत्ति जताई।इसके बावजूद विकास और सुशीला अपने फैसले पर कायम रहे। दोनों ने वर्ष 2023 में परिवार की सहमति के बिना कोर्ट मैरिज कर ली। हालांकि शादी के बाद भी उन्हें सामाजिक आलोचनाओं और तानों का सामना करना पड़ा।

व्यवहार और विश्वास से जीता परिवार का दिल

कोर्ट मैरिज के बाद दोनों ने धैर्य और समझदारी से अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। परिवार के लोगों का कहना है कि समय के साथ दोनों ने अपने व्यवहार, आपसी सम्मान और रिश्ते की मजबूती से परिजनों का विश्वास जीत लिया।आखिरकार दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए और सामाजिक रूप से भी विवाह कराने पर सहमति बन गई।

गाजे-बाजे के साथ निकली बारात

परिवारों की सहमति मिलने के बाद अप्रैल 2026 में विकास ठाकुर की बारात पूरे गाजे-बाजे के साथ सुशीला के घर पहुंची। बारात में रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया। दुल्हन पक्ष ने भी बारात का भव्य स्वागत किया, जिससे विवाह समारोह उत्सव में बदल गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे

जयमाला के बाद विवाह मंडप में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ शादी संपन्न हुई। पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के बीच विकास और सुशीला ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।शादी समारोह में किन्नर समाज के लोग भी शामिल हुए और लोकगीतों तथा पारंपरिक नृत्य के साथ खुशियां मनाईं।

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