झारखंड में अब सस्ते दाम पर मिलेगा बालू…इन 35 घाटों से उठाव शुरू…घर बनाने से पहले जान लें नया रेट

Sand to Now Be Available at Affordable Rates in Jharkhand... Extraction Begins at These 35 Ghats... Check the New Rates Before Building Your Home.

रांची। झारखंड में लंबे समय से बालू संकट से जूझ रहे लोगों और निर्माण कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने बालू खनन को लेकर नई व्यवस्था लागू करते हुए 35 बालू घाटों से वैध उठाव का रास्ता साफ कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ेगी और कालाबाजारी पर भी असर पड़ेगा।

सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

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राज्य सरकार ने झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री माइकल सोरेन के निर्देश के बाद अब शनिवार से इन घाटों से बालू उठाव शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि अब तक केवल उपायुक्त यानी डीसी के हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से खनन प्रक्रिया अटकी हुई थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

डीसी को मिला सीधा अधिकार, अब नहीं होगी देरी

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नई व्यवस्था के तहत बालू घाटों की लीज और संचालन की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को सौंप दी गई है।खान एवं भूतत्व विभाग ने झारखंड बालू खनन नियमावली 2026 के नियम 14 के तहत डीसी को लीज डीड पर हस्ताक्षर और अंतिम मंजूरी देने का अधिकार प्रदान किया है।सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी और बालू घाटों के संचालन में अनावश्यक देरी नहीं होगी।

35 घाटों से रोज निकलेगा लाखों सीएफटी बालू

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जानकारी के अनुसार राज्य में कुल 444 बालू घाट मौजूद हैं। इनमें से 290 घाटों की नीलामी पहले ही की जा चुकी है।इनमें 35 ऐसे घाट हैं जहांसभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं और अब वे पूरी तरह संचालन के लिए तैयार हैं।खनन विभाग के मुताबिक इन घाटों से प्रतिदिन करीब 10 लाख सीएफटी बालू का उठाव संभव है। अनुमान है कि एक महीने में लगभग 5 करोड़ सीएफटी बालू बाजार तक पहुंच सकता है।

बालू की बढ़ती कीमतों से लोगों को मिल सकती है राहत

पिछले कई महीनों से बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। कई इलाकों में बालू की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं, जिससे आम लोगों और बिल्डरों की परेशानी बढ़ गई थी।सरकार को उम्मीद है कि वैध तरीके से बालू आपूर्ति शुरू होने के बाद बाजार में संतुलन बनेगा और अवैध खनन व कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।

पांच महीने की रोक के बाद खुला रास्ता

बताया जा रहा है कि इससे पहले बालू घाटों की नीलामी और उठाव पर अदालत की ओर से करीब पांच महीने तक रोक लगी हुई थी। इसी वजह से पूरे राज्य में बालू का संकट गहरा गया था।अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकार बालू आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इससे आने वाले दिनों में निर्माण कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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