झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन सभागार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 299 नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर प्रशासनिक माहौल में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संदेश देखने को मिला।
इन नियुक्तियों में 62 बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और 237 महिला पर्यवेक्षक शामिल हैं। कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर और मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सरकार का नया फोकस: कामकाज की नियमित रैंकिंग सिस्टम
Hemant Soren ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि अब प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही CDPO, महिला पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी सेविकाओं के कार्यों की नियमित रैंकिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी।सीएम ने कहा कि जो अधिकारी जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
दशकों बाद बड़ी भर्ती, महिलाओं की मजबूत भागीदारी
मुख्यमंत्री ने इस भर्ती को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि झारखंड गठन के बाद लंबे समय से लंबित CDPO नियुक्ति प्रक्रिया अब पूरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस चयन में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं सफल रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।सीएम ने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों उम्मीदवारों में से चयन होना उनकी क्षमता का प्रमाण है और अब उन पर जनता तक योजनाएं पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
समाज को जोड़ने की जरूरत पर मुख्यमंत्री की चिंता
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री थोड़े भावुक नजर आए। उन्होंने समाज में बढ़ती दूरी और संवेदनहीनता पर चिंता जताते हुए कहा कि आज लोग कई बार अपने आसपास की घटनाओं से भी अनजान रहते हैं, जो एक गंभीर स्थिति है।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने और संवेदनशील बनाने में भी उनकी अहम भूमिका है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाएं, यही असली लक्ष्य
सीएम ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वे ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर काम करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की समस्याएं अक्सर झिझक के कारण सामने नहीं आ पातीं, इसलिए संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करना जरूरी है।उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारियों को मजबूत कड़ी बनकर काम करना होगा।