वाह सीएम साहब ! मुख्यमंत्री ने टैक्सी चालक छात्रा को दिए 40 लाख, विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना होगा पूरा, जानिये पूरी कहानी

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक कदम ने एक छात्रा की किस्मत बदल दी है. सीएम ने गढ़चिरौली की टैक्सी चालक छात्रा को 40 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है. पिता के एक्सीडेंट के बाद छात्रा को घर चलाने के लिए टैक्सी चलानी पढ़ रही थी. इस वजह से विदेश जाकर पढ़ाई करने का उसका सपना भी अधूरा रह गया था. रिपोर्ट के मुताबिक किरण के पिता रमेश की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. किरण की पढ़ाई रेगुंठा से ही हुई थी. उन्होंने इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (IELTS) का टेस्ट भी पास किया है. टेस्ट पास करते ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स में एडमिशन ले लिया. लेकिन आगे जाने के लिए उनको स्कॉलरशिप की जरूरत थी. इसलिए वो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद मांगने पिछले हफ्ते मुंबई चली गई थीं. उन्होंने स्वयं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को फ़ोन कर सारी जानकारी दी.

किरण से पहले उनके पिता टैक्सी चलाते थे. लेकिन एक एक्सीडेंट में घायल होने के बाद उन्हें ड्राइविंग बंद कर दी. ऐसे में परिवार के गुजर-बसर के लिए किरण ने स्टेयिरंग पकड़ लिया. इस संघर्ष में उनका सपना पीछे छूटा जा रहा था. जब सरकार को उनकी कहानी पता चली तो सीएम एकनाथ शिंदे ने महिला टैक्सी चालक को तुरंत आर्थिक सहायता देने का फैसला किया.

कुछ करीबी लोगों ने किरण को सीएम शिंदे से मिलने की सलाह दी थी. उसके बाद ही उनकी आगे की पढ़ाई का रास्ता खुला. महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले की लेडी ड्राइवर के रूप में पहचानी जाने वाली किरण कुर्मा उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जा रही हैं. राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किरण के अनुरोध पर तुरंत 40 लाख रुपयों की स्कॉलरशिप मंजूर कर दी है. इस वजह से किरण का इंग्लैंड जाकर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना पूरा होगा.

किरण कुर्मा सिरोंचा तहसील के रेगुंठा गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने तेलंगाना राज्य के हैदराबाद उस्मानिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विषय में एम.ए किया है. पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए अपने गांव रेगूंठा से सिरोंचा तक टैक्सी चलाने का काम शुरू किया. वर्तमान में वह तीन टैक्सी की मालिक हैं.

इसी बीच उसने इंग्लैंड से मार्केटिंग की उच्च शिक्षा लेने का निर्णय लिया. इसके लिए किरण को लाखों रुपए की आवश्यकता थी. इस खर्च के लिए उसने मुंबई जाकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भेंट की. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बिना देर किए समाज कल्याण विभाग के सचिव सुमंत भांगे को फोन कर किरण को मंत्रालय में जाने के लिए कहा. किरण के सचिव तक पहुंचने से पहले ही मुख्यमंत्री ने व्हाट्सएप द्वारा भांगे को आवेदन भेज दिया और ऑन द स्पॉट किरण को 40 लाख रुपयों की स्कॉलरशिप मंजूर कर दी.

सिरोंचा से रेगुंठा का यह गांव लगभग 60 किमी की दूरी पर है.काली – पीली टैक्सी चलाकर परिवार का पालन पोषण करने वाली किरण लंदन जाकर इंटरनेशनल मार्केटिंग मैनेजमेंट का 1 साल का कोर्स पूरा करेंगी. उन्होंने 2 साल तक वहीं पर किसी कंपनी में काम करने के बाद स्वदेश लौटने का प्लान बनाया है. किरण सीएम एकनाथ शिंदे के पास पहुंचने में हिचक रही थी, लेकिन कहानी ऐसी हुई की सीएम एकनाथ शिंदे को मिलने के लिए अपनाएं दोस्त का सहारा लेना पड़ा. जब किरण और उसका दोस्त विधान भवन में पहुंची, उस समय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने कार्यालय में ही थे. किरण सीएम के समक्ष विदेश में जाकर शिक्षा ग्रहण करने की इच्छा व्यक्त की आवेदन मुख्य मंत्री के हाथ थमा दिया.

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